Sunday, 22 June 2025

INTERNATIONAL YOGA DAY 2025



 International Yoga Day 2025:

योग, वैदिक समय से हमारे जीवन का हिस्सा रहा है. योग की महिमा ऐसी है कि ये ना केवल आपके शारीरिक स्वास्थ्य को बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य  को भी दुरुस्त करता है. भारत समेत पूरी दुनिया योग करने से मिलने वाले फायदों के बारे में जानती है और उन्हें मानती भी है. ऐसे हर साल 21 जून को दुनियाभर के लोग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही चाव से मनाते हैं. योग करने से व्यक्ति में एक नई शक्ति का संचार होता है, जो आपके हर बॉडी पार्ट को हेल्दी रखने का काम करता है. इसके साथ ही ये आपके शरीर के 7 चक्रों को भी प्रभावित करता है. शरीर में मौजूद ये 7 चक्र एनर्जी सेंटर सिर्फ आध्यात्मिक नहीं हैं, बल्कि ये आपके शरीर, मन और भावनाओं को ठीक रखने की चाबी भी हैं. चाहे आपने अभी नया-नया योग करना शुरू किया हो या लंबे समय से कर रहे हों, अगर आप इन चक्रों को समझते हैं और सही तरीके से उन्हें एक्टिवेट करते हैं, तो योग आपके शरीर पर और भी गहरा पॉजिटिव प्रभाव डालता है. चलिए जानते शरीर में मौजूद इन 7 चक्रों के बारे में और कैसे अलग-अलग योग आसन इन्हें एक्टिवेट करके आपकी सेहत को बेहतर बनाते हैं और उसे शांति और संतुलन की ओर ले जाते हैं.

Internaional Yoga Day 2025 Theme 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम "एक धरती, एक स्वास्थ्य के लिए योग" (Yoga for One Earth, One Health) रखी गई है। यह विषय मानव, पर्यावरण और समग्र स्वास्थ्य के बीच सामंजस्य पर बल देता है। योग दिवस 2025 के आयोजन इस बात पर केंद्रित हैं कि कैसे योग व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ पृथ्वी के स्वास्थ्य को संतुलित करने में एकता का संदेश देता है।

अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस के अवसर पर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सीमा सुरक्षा बल  में प्राचार्य, शक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा योग किया गया एवं छात्रों द्वारा योग दिवस पर अपने विचार प्रस्तुत किए गए।




Thursday, 24 April 2025

World Book Day And Copyright Day 23 April 2025

नमस्ते सभी को!आज, 23 अप्रैल, हम विश्व पुस्तक दिवस मना रहे हैं, और इस अवसर पर, मैं कॉपीराइट के महत्व पर कुछ बातें कहना चाहूँगी.पुस्तकें ज्ञान, विचारों और कल्पना की खिड़कियाँ हैं। वे हमें दुनिया को नए नजरिए से देखने, इतिहास से सीखने और भविष्य की कल्पना करने की शक्ति देती हैं। लेखकों और प्रकाशकों की कड़ी मेहनत और रचनात्मकता के बिना यह संभव नहीं है।कॉपीराइट वह कानूनी अधिकार है जो लेखकों, कलाकारों और अन्य रचनाकारों को उनके साहित्यिक और कलात्मक कार्यों के उपयोग को नियंत्रित करने की अनुमति देता है। यह उन्हें अपनी रचनाओं को पुन: प्रस्तुत करने, वितरित करने, सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और अनुकूलित करने का विशेष अधिकार देता है।कॉपीराइट का महत्व कई कारणों से है: * रचनाकारों की सुरक्षा: कॉपीराइट रचनाकारों को उनकी मेहनत और रचनात्मकता का उचित प्रतिफल प्राप्त करने में मदद करता है। यह उन्हें आगे भी लिखने, बनाने और साझा करने के लिए प्रोत्साहित करता है। * रचनात्मकता को बढ़ावा: जब रचनाकारों को पता होता है कि उनके काम को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, तो वे नए और मौलिक विचार व्यक्त करने के लिए अधिक प्रेरित होते हैं। इससे समाज में रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा मिलता है। * सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: कॉपीराइट यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि साहित्यिक और कलात्मक कार्यों को संरक्षित किया जाए और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जाए। * प्रकाशकों और अन्य उद्योगों का समर्थन: कॉपीराइट प्रकाशन, फिल्म, संगीत और सॉफ्टवेयर जैसे उद्योगों को कानूनी आधार प्रदान करता है, जिससे वे फल-फूल सकें और रोजगार पैदा कर सकें।हालांकि, कॉपीराइट का उल्लंघन एक गंभीर समस्या है। पायरेसी और अनधिकृत वितरण न केवल रचनाकारों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र को भी कमजोर करते हैं।विश्व पुस्तक दिवस हमें कॉपीराइट के महत्व को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर देता है। आइए, हम सभी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि लेखकों और अन्य रचनाकारों के अधिकारों का सम्मान किया जाए ताकि वे बिना किसी डर के अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकें और हमारी दुनिया को समृद्ध बना सकें।धन्यवाद।